ताज़ा लेख

में आजाद कैसे होऊंगा?

रविवार, दिसंबर 25, 2022
एक सेठ और सेठानी रोज सत्संग में जाते थे। सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था। तोता एक दिन पूछता हैं कि सेठजी आप रोज कहाँ जाते है।...आगे पढ़ें

संत बड़े दयालु होते हैं।

बुधवार, अक्टूबर 18, 2017
कबीर साहब कहते हैं की संत धोबी जैसे काम करते हैं। जैसे धोबी के पास कितने कपड़े आते हैं। मैकेनिक के, हलवाई के और भी ना जाने किनके-किनके आते ह...आगे पढ़ें

नाम खुमारी नानका चढ़ी रहे दिन रात

बुधवार, अक्टूबर 18, 2017
हम सभी को पता है कि मिश्री मीठी होती है। आप मुँह मे मिश्री डालकर चाहे घूमे, चाहे बैठ जाये, चाहे लेट जाएँ। पर जब तक मुँह मे मिश्री है तब तक...आगे पढ़ें

सिमरन करने सेे कर्मों का भुगतान

मंगलवार, अक्टूबर 17, 2017
एक बार राजा जनक घूमते घूमते उन रूहों के पास पहुँच जाते है जिन्हें बहुत ज्यादा दर्दनाक यातनाएं दी जा रही थी। राजा जनक उनके उपर होते हुये ज...आगे पढ़ें

सेवा का अवसर सतगुरु की अपार दया मेहर से प्राप्त होता है

मंगलवार, अक्टूबर 17, 2017
सेवा के बारे में हुज़ूर महाराज चरण सिंह जी ने (संत संवाद - भाग 3) में फ़रमाया हैं, "हमें सेवा का मौका और क़ाबलियत उसकी दया मेहर से ही मिल...आगे पढ़ें

समय बीत रहा है, सिमरन न छोड़ो, हर सांस करते रहो।

शुक्रवार, अक्टूबर 13, 2017
हमारी किस्मत में जो लिखा है वह होकर ही रहता है पर अगर कुछ अच्छे कर्म, सुमिरन भजन और मालिक की दया हो तो मालिक कुछ होने वाली घटनाओं को "...आगे पढ़ें

कर्मो का फल सबको देना पड़ता है।

शुक्रवार, अक्टूबर 13, 2017
एक आदमी का पूरा परिवार गुरु की महान सेवा किया करता था। गुरुद्वारे जाकर उस परिवार में एक लड़का जो कि दोनों पैरों से अपाहिज था, वह भी वहां बै...आगे पढ़ें

इंसान और जानवर में क्या फर्क है।

शुक्रवार, अक्टूबर 13, 2017
किसी ने गौतम बुद्ध से पूछा जानवर और इंसान में क्या भेद है? तो उनका उत्तर था कि एक बिल्ली मिट्टी के चूहे का कभी शिकार नहीं करती क्योंकि उसे...आगे पढ़ें

संत कर्म-बंधन कैसे काटते है?

सोमवार, सितंबर 11, 2017
एक बार दशम पातशाही श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी का दरबार सजा हुआ था। कर्म-फल के प्रसंग पर पावन वचन हो रहे थे कि जिसकी जो प्रारब्ध है उसे वही प...आगे पढ़ें