सत्संग तो रोज जाते हैं, पर क्या हम आज़ाद हुए! आँखें खोल देने वाली कहानी - Spiritual Story in Hindi | Santmat Gyan
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शनिवार, मार्च 21, 2026
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एक बार दो दोस्त घूमते हुए एक महल के पास पहुँच गए तो, पहले दोस्त ने उस शानदार महल को देखकर कहा की जब इनमें रहने वालों की किस्मत लिखी जा रही ...आगे पढ़ें
हमेशा खुश रहो
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सोमवार, दिसंबर 26, 2022
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एक सेठ और सेठानी रोज सत्संग में जाते थे। सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था। तोता एक दिन पूछता हैं कि सेठजी आप रोज कहाँ जाते है।...आगे पढ़ें
में आजाद कैसे होऊंगा?
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रविवार, दिसंबर 25, 2022
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एक समय की बात हैं, के श्री गुरू नानक देव जी महाराज और उनके दो शिष्य बाला और मरदाना किसी गाँव में जा रहे थे। चलते-चलते रास्ते में एक मकई का ख...आगे पढ़ें
हर दाने का भाग्य
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बुधवार, दिसंबर 21, 2022
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कबीर साहब कहते हैं की संत धोबी जैसे काम करते हैं। जैसे धोबी के पास कितने कपड़े आते हैं। मैकेनिक के, हलवाई के और भी ना जाने किनके-किनके आते ह...आगे पढ़ें
संत बड़े दयालु होते हैं।
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बुधवार, अक्टूबर 18, 2017
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एक आदमी का पूरा परिवार गुरु की महान सेवा किया करता था। गुरुद्वारे जाकर उस परिवार में एक लड़का जो कि दोनों पैरों से अपाहिज था, वह भी वहां बै...आगे पढ़ें
कर्मो का फल सबको देना पड़ता है।
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शुक्रवार, अक्टूबर 13, 2017
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एक बार एक शिक्षक संपन्न परिवार से सम्बन्ध रखने वाले एक युवा शिष्य के साथ टहलने निकले। उन्होंने देखा कि रास्ते में पुराने हो चुके एक जोड़ी जू...आगे पढ़ें
जूते मजदूर के
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शुक्रवार, अक्टूबर 13, 2017
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एक बार श्री गुरु नानकदेव जी के पास एक नवाब और काजी आये । उन्होंने आकर गुरु जी से कहा - आप कहते है ना कि ना कोई हिन्दु और ना मुसलमान, सब कुदर...आगे पढ़ें
सच्ची पूजा कैसे होती है?
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बुधवार, सितंबर 13, 2017
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एक बार दशम पातशाही श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी का दरबार सजा हुआ था। कर्म-फल के प्रसंग पर पावन वचन हो रहे थे कि जिसकी जो प्रारब्ध है उसे वही प...आगे पढ़ें
संत कर्म-बंधन कैसे काटते है?
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सोमवार, सितंबर 11, 2017
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