जब बडे महाराज जी एस. डी.ओ. थे, तो एक बार आप पहाडी इलाके में से जा रहे थे कि एकाएक आपके दिल में खुशी छा गयी। आप समझ न सके कि वह खुशी किस बात ...आगे पढ़ें
संत की सुगंधि
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बुधवार, अगस्त 23, 2017
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सत्संगियों को यह शिक्षा दी जाती है कि अन्दर गुरु के सिवाय और किसी के सामने नहीं झुकना चाहिए। गुरु के अलावा बाकी सभी रूप नाम का सुमिरन करने ...आगे पढ़ें
केवल अपने गुरु के सामने झुकें - सावन सिंह जी महाराज
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गुरुवार, सितंबर 08, 2016
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महाराज सावन सिंह जी के समय की बात है. महाराज जी बाहर से आई हुई संगत को विदा कर रहे थे तो उनमे से एक ने कहा की महाराज जी दया मेहर करना. तो इस...आगे पढ़ें
दया-मेहर की टोकरी
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शनिवार, अक्टूबर 24, 2015
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सत्संगियों को यह शिक्षा दी जाती है कि अन्दर गुरु के सिवाय और किसी के सामने नहीं झुकना चाहिए, गुरु के अलावा बाकी सभी रूप नाम का सुमिरन करने प...आगे पढ़ें
हमेशा गुरु के सामने झुको
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रविवार, अक्टूबर 18, 2015
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एक बार एक अंधा व्यक्ति जो की परमात्मा का भक्त था, डेरे आया । तो उसने एक सेवादार वीर से कहा के वीर जी मैं आपके महाराज जी से बात करना चाहता हु...आगे पढ़ें
संतो की दया
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रविवार, अक्टूबर 18, 2015
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एक बार बाबा सावन सिंह जी महाराज से एक सत्संगी ने पूछा कि हुज़ूर! आप अपने सत्संग में भजन सिमरन पर ही इतना जोर क्यों देते हैं? जबकि आप अच्छी त...आगे पढ़ें
सिमरन जरुरी है
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शुक्रवार, अक्टूबर 16, 2015
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